
- कोठाव में एनएसएस के सात दिवसीय ग्रामीण वार्षिक शिविर का समापन
वडोदरा। गुजरात केन्द्रीय विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) ने वडोदरा के करजन तालुका के गांव कोठाव में सात दिवसीय ग्रामीण वार्षिक शिविर का सफल आयोजन किया। शिविर का उद्देश्य एनएसएस स्वयंसेवकों में सामुदायिक भागीदारी, सामाजिक जिम्मेदारी और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण समस्याओं का समाधान करना था। सप्ताह भर चले इस शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर, शैक्षणिक गतिविधियां और गांव सर्वेक्षण जैसे विभिन्न कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई। इन गतिविधियों के माध्यम से गांव के लोगों के साथ मजबूत सहयोग और संवाद स्थापित हुआ। स्वयंसेवकों ने सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों पर दीवार लेखन और नारा लेखन के माध्यम से भी जागरूकता फैलाने का कार्य किया। शिविर के दौरान विशेषज्ञों द्वारा पर्यावरण जागरूकता, अंधविश्वास उन्मूलन और सामाजिक कार्य के प्रति समाज की तैयारी जैसे विषयों पर ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किए गए, जिससे स्वयंसेवकों का अनुभव समृद्ध हुआ।

घर-घर जाकर बनाएं 120 आयुष्मान स्वास्थ्य और 78 ई-श्रम कार्ड
शिविर के दौरान 120 आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड, 78 ई-श्रम कार्ड तथा 10 पेंशन योजनाओं के पंजीकरण कराए गए। इसके अलावा ग्रामीणों को नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूक किया गया। स्वयंसेवकों ने गांव में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। साथ ही गांव के विकास में सहभागिता बढ़ाने के लिए ग्राम विकास बैठक समिति का गठन किया गया। “वन चाइल्ड, वन टीचर” पहल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ग्रामीणों के साथ संवाद ने सामुदायिक संबंधों को और मजबूत किया। शुक्रवार को आयोजित समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति (प्रभारी) प्रो. अतनु भट्टाचार्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों के समर्पण की सराहना करते हुए राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर शिविर के दौरान बनाए गए विभिन्न कल्याणकारी कार्ड भी ग्रामीणों को वितरित किए गए। उल्लेखनीय है कि यह शिविर एनएसएस समन्वयक डॉ. मनोज वनारा के मार्गदर्शन में तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बलदेवभाई प्रजापति और डॉ. सोनल शर्मा के सहयोग से सम्पन्न हुआ।


